पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात तेजी से बिगड़ते हुए जंग जैसे हो गए हैं। ताजा घटनाक्रम में Pakistan Air Force ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में दोबारा एयरस्ट्राइक किए जाने की पुष्टि की है। वहीं अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज Taliban ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में इस्लामाबाद के फैजाबाद सैन्य ठिकाने सहित कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया।
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संघर्ष की शुरुआत गुरुवार रात उस समय हुई, जब अफगानिस्तान ने 22 फरवरी को हुए कथित पाकिस्तानी हमले के जवाब में सैन्य कार्रवाई की। इसके बाद दोनों देशों के बीच हवाई और जमीनी हमले तेज हो गए। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि सीमावर्ती इलाकों में नागरिकों में दहशत का माहौल है।
अफगान मीडिया संस्था TOLOnews के मुताबिक, तालिबान के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने दावा किया है कि जवाबी हमलों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। तालिबान का कहना है कि उसने केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने ‘गजब लिल हक’ नाम से सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा की। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि इस ऑपरेशन के तहत काबुल समेत कई प्रांतों में ठिकानों पर सटीक हमले किए गए, जिनमें 274 अफगान लड़ाके मारे गए और 400 से अधिक घायल हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
दोनों पक्षों के दावों को मिलाकर देखा जाए तो अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। सीमा से लगे क्षेत्रों में अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी हालात पर चिंता जताई है और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
इस बीच, India ने पाकिस्तान के हमलों की निंदा करते हुए अफगानिस्तान के प्रति समर्थन जताया है। भारत ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो इसका असर पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज किए जा रहे हैं ताकि तनाव को कम किया जा सके और संघर्ष को व्यापक युद्ध में बदलने से रोका जा सके।








