भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और शांति के लिए जाना जाता है। इसकी हरी-भरी पहाड़ियाँ, झरने, नीला आसमान और सादगी भरी जीवनशैली हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। सात बहनों के नाम से मशहूर इस क्षेत्र के हर राज्य की अपनी एक अलग पहचान और कहानी है। अगर आप भी भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत जगह की तलाश में हैं, तो आइए पूर्वोत्तर की पाँच सबसे खूबसूरत जगहों के बारे में जानें।
शिलांग, मेघालय
मेघालय की राजधानी शिलांग अपनी ठंडी हवाओं, झरनों और पहाड़ियों के लिए जानी जाती है। एलिफेंट फॉल्स और शिलांग पीक से शहर का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। उमियम झील की शांति और पुलिस बाज़ार की चहल-पहल शिलांग की खूबसूरती को और बढ़ा देती है। यह शहर संगीत प्रेमियों के लिए एक खास जगह है, क्योंकि यहाँ की स्थानीय बैंड संस्कृति बहुत लोकप्रिय है।
गंगटोक, सिक्किम
गंगटोक सिक्किम की राजधानी और हिमालय की गोद में बसा एक शांत शहर है। यहाँ से कंचनजंगा पर्वत का नज़ारा स्वप्न जैसा लगता है। एमजी रोड, रुमटेक मठ, त्सोम्गो झील और नाथुला दर्रा यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं। बौद्ध संस्कृति, रंग-बिरंगे प्रार्थना ध्वज और ठंडी हवाएँ हर आगंतुक को शांति का एहसास कराती हैं।
तवांग, अरुणाचल प्रदेश
तवांग अपने बर्फ से ढके पहाड़ों और मठों के लिए जाना जाता है। यहाँ स्थित तवांग मठ भारत के सबसे बड़े बौद्ध मठों में से एक है। इसकी वास्तुकला और आध्यात्मिक ऊर्जा अद्वितीय है। सर्दियों में यहाँ की झीलें बर्फ से ढक जाती हैं और पूरी घाटी सफेद चादर ओढ़ लेती है। अगर आप रोमांच और शांति दोनों का अनुभव करना चाहते हैं, तो तवांग एक आदर्श स्थान है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। यह उद्यान एक सींग वाले गैंडे के लिए विश्व प्रसिद्ध है और यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल भी है। यहाँ आप जीप सफारी या हाथी की सवारी के ज़रिए हाथियों, बाघों, पक्षियों और हिरणों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकते हैं।
आइज़ोल, मिज़ोरम
आइज़ोल मिज़ोरम की राजधानी है और अपनी शांत घाटियों, पहाड़ियों और संस्कृति के लिए जाना जाता है। सड़कों से घाटियों का नज़ारा बेहद मनमोहक है। स्थानीय बाज़ारों में मिज़ो हस्तशिल्प और बाँस की कलाकृतियाँ ज़रूर देखें। यहाँ के लोग बेहद मिलनसार हैं और शहर की साफ़-सफ़ाई इसे और भी ख़ास बनाती है।








