इवेंट्स न्यूज डेस्क !!! इस बार की गणतंत्र दिवस परेड एक मजबूत और सुरक्षित भारत का संदेश देगी। पहली बार तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी कर्तव्य पथ से गुजरेगी। यह थल, जल और वायु में सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर समन्वय को दर्शाता है। वहीं, कर्तव्य पथ पर यह जज्बा गुरुवार को फुल ड्रेस रिहर्सल में दिखा।
सेना के तीनों अंगों की संयुक्त झांकी में सेना का स्वदेशी मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, वायुसेना का तेजस एमके II लड़ाकू विमान, उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर, नौसेना का विध्वंसक पोत आईएनएस विशाखापत्तनम और दूर से संचालित विमान एक साथ समन्वित अभियान चलाते हैं ज़मीन, पानी और हवा में। उन्होंने इस तरह से प्रदर्शन किया कि ऐसा लगा जैसे वे युद्ध क्षेत्र में प्रवेश कर गए हों।

इस झांकी का विषय ‘सशक्त एवं सुरक्षित भारत’ है। बीएसएफ जवानों को बाइक पर हैरतअंगेज करतब दिखाते देख लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं।

परेड में पहली बार मौसम विभाग की झांकी भी निकाली गई।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की झांकी में भारत की सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मकता की झलक दिखाई दी।

झांकी का मुख्य आकर्षण गतिज कल्पवृक्ष से लेकर कुम्हार के चाक पर यद्धा (तमिल संगीत वाद्ययंत्र) तक था।

भोर से ही लोगों के अपने कर्तव्य पथ पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

76वें गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल देखने आए लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। वह भारत माता की जय-जयकार कर रहे थे।

देश की विविधता और सांस्कृतिक समावेशिता को दर्शाती विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों की कुल 26 झांकियां कर्तव्य पथ पर अग्रसर थीं।

इसमें 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 10 मंत्रालयों और विभागों की झांकियां शामिल थीं।

इस बार झांकी का विषय है – ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’। जिसमें 150 वर्षों के समृद्ध इतिहास और विरासत को दर्शाया गया।

खास बात यह रही कि कर्तव्य पथ पर प्रयागराज के महाकुंभ की छाया भी दिखाई दी।

पवित्र गंगा, अविरल यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर हो रहे महाकुंभ का दिव्य स्वरूप उत्तर प्रदेश की झांकी में देखने को मिला।








