गुरुवार का दिन शेयर मार्केट के लिए बहुत खास होने वाला है। शेयर मार्केट में जहां रोज़ उतार-चढ़ाव होता रहता है, वहीं भारतीय मार्केट इस समय रिकॉर्ड हाई के करीब है, सबकी नज़रें निफ्टी पर हैं। क्या गुरुवार को कोई नया रिकॉर्ड बनेगा? इन्वेस्टर्स करीब 14 महीने से इस रिकॉर्ड का इंतज़ार कर रहे हैं। दरअसल, बुधवार को ज़बरदस्त तेज़ी के बाद भारतीय शेयर मार्केट एक बार फिर नए रिकॉर्ड के करीब है। सेंसेक्स और निफ्टी-50 दोनों में ज़बरदस्त बढ़त देखी गई, जो अपने-अपने ऑल-टाइम हाई के पास बंद हुए। सेंसेक्स अब अपने रिकॉर्ड से करीब 400 पॉइंट दूर है, जबकि निफ्टी सिर्फ़ 72 पॉइंट दूर है। बुधवार शाम को डाउ फ्यूचर्स ने भी ग्रीन सिग्नल दिखाए। अगर US मार्केट सपोर्ट देता है, तो भारतीय मार्केट नया रिकॉर्ड बना सकता है।
निफ्टी इतिहास रचने के करीब
बुधवार को निफ्टी 320 पॉइंट बढ़कर 26,205 पर बंद हुआ, जो अपने ऑल-टाइम हाई 26,277 से 72 पॉइंट दूर है। निफ्टी इससे पहले 27 सितंबर, 2024 को 26,277.35 पर पहुंचा था, जो इंडेक्स का ऑल-टाइम हाई भी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 26,277.35 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करता है, तो 26,377–26,660 तक रैली हो सकती है। दूसरी ओर, 26,000–26,100 ज़ोन अब सपोर्ट का काम करता है; इससे नीचे जाने पर 25,850 तक गिरावट आ सकती है। बैंक निफ्टी भी मजबूत दिख रहा है।बुधवार को सेंसेक्स 1,022 पॉइंट्स बढ़कर 85,609 पर बंद हुआ। सेंसेक्स का ऑल-टाइम हाई 85,978.25 है। सेंसेक्स भी 27 सितंबर, 2024 को अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था। इसलिए, अगर गुरुवार को सब कुछ ठीक रहा, तो सेंसेक्स और निफ्टी नया ऑल-टाइम हाई बनाकर इतिहास रच सकते हैं।
मार्केट में इस रैली के पीछे पांच कारण हैं
इंटरेस्ट रेट में कटौती की उम्मीद: इन्वेस्टर्स इंडियन सेंट्रल बैंक के अगले फैसले पर करीब से नज़र रख रहे हैं। अगर रेट में कटौती होती है, तो बैंकिंग, रियल एस्टेट और रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स को फायदा हो सकता है। महंगाई अभी कंट्रोल में है, इसलिए सेंट्रल बैंक इंटरेस्ट रेट्स को लेकर कम्फर्टेबल लग रहा है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और इन्वेस्टमेंट के लिए एग्रेसिव प्लान बना रही है। ऐसा माहौल मार्केट को मजबूत सपोर्ट देता है।
ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव सिग्नल: इंटरनेशनल इकोनॉमिक कंडीशन में सुधार, विदेशी इन्वेस्टर्स की वापसी, या पॉजिटिव ग्लोबल मूड इंडियन मार्केट को सपोर्ट कर सकता है। US मार्केट में लगातार दो दिनों से मजबूत बढ़त देखी गई है। बुधवार शाम को डाउ फ्यूचर्स भी ग्रीन ज़ोन में थे।
इंडिया-US ट्रेड डील: अगर इंडिया, US, या दूसरे देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट आगे बढ़ते हैं, तो टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, या एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड कंपनियों को सपोर्ट मिल सकता है।
अर्निंग सपोर्ट: इसके अलावा, बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स, कंज्यूमर डिमांड, और डोमेस्टिक लिक्विडिटी इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ा रहे हैं। हालांकि, एक बड़ी रैली के बाद गिरावट आने की संभावना है।
रूस-यूक्रेन एग्रीमेंट की संभावना: रूस और यूक्रेन के बीच एग्रीमेंट के संकेतों के बाद मार्केट सेंटिमेंट बेहतर हुआ है।
यह ध्यान देने वाली बात है कि इंडियन मार्केट काफी समय से एक रेंज में ट्रेड कर रहा है। इंडिया अभी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली इकॉनमी में से एक है। GDP ग्रोथ लगातार बेहतर हो रही है, और इसका सीधा असर कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर पड़ रहा है। डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स और फॉरेन फंड्स, दोनों ही इंडिया में लॉन्ग-टर्म मौके देख रहे हैं।







