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‘अब तेरा क्या होगा गब्बर’, ED ने शिखर धवन को घेरा, 8 घंटे तक चली स्टार से पूछताछ

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क्रिकेट न्यूज डेस्क।। ईडी ने गुरुवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन से एक अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग आठ घंटे पूछताछ की। वह सुबह 11 बजे मध्य दिल्ली स्थित जांच एजेंसी के कार्यालय में पहुँचे और शाम 7 बजे के बाद वहाँ से निकले।

सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने 13bet नामक एक अवैध सट्टेबाजी ऐप की जाँच के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया। माना जा रहा है कि 39 वर्षीय पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज कुछ विज्ञापनों के ज़रिए इस ऐप से जुड़े थे। पूछताछ के दौरान, ईडी ने ऐप से उनके संबंधों को समझने की कोशिश की।

कई मामलों में जाँच
एजेंसी अवैध सट्टेबाजी ऐप्स से जुड़े कई मामलों की जाँच कर रही है, जिन पर कई लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने या बड़े पैमाने पर कर चोरी करने का आरोप है। पिछले महीने, इस मामले में जाँच एजेंसी ने पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना से पूछताछ की थी। केंद्र सरकार हाल ही में पैसों से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने वाला एक कानून लेकर आई है।

'अब तेरा क्या होगा गब्बर', ED ने शिखर धवन को घेरा, 8 घंटे तक चली स्टार से पूछताछ

बाज़ार विश्लेषण फर्मों और जाँच एजेंसियों का अनुमान है कि ऐसे विभिन्न ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के लगभग 22 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ता हैं। इनमें से आधे (लगभग 11 करोड़) नियमित उपयोगकर्ता हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स का बाज़ार 100 अरब डॉलर से ज़्यादा का है और 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।

कंपनी का मुख्यालय साइप्रस में है

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, 13bet इंडिया अपने पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को कई खेल सट्टेबाजी विकल्प प्रदान करता है। इसमें एविएटर गेम्स ऑनलाइन, क्रिकेट बेटिंग लाइन्स और ऑनलाइन कैसीनो स्लॉट्स जैसे गेम शामिल हैं। फ़ुटबॉल, बास्केटबॉल, क्रिकेट, टेनिस और ई-स्पोर्ट्स जैसे खेल आयोजनों पर टेलीग्राम के ज़रिए सट्टेबाजी की जाती है।

कंपनी का मुख्यालय साइप्रस में है और यह सबसे बड़े ऑनलाइन कैसीनो में से एक है। कंपनी स्पेन और फ़्रांस में फ़ुटबॉल टीमों को प्रायोजित करने के लिए जानी जाती है। कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच के बाद कंपनी को ब्रिटेन, अमेरिका, रूस, स्पेन और फ़्रांस से अपनी सेवाएँ वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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