भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केवल एक नेता ही नहीं थे; वे समानता, न्याय और शिक्षा के प्रतीक थे। उनका पूरा जीवन संघर्ष, दृढ़ता और अटूट संकल्प का एक जीता-जागता प्रमाण है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन शोषितों और वंचितों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए समर्पित कर दिया। वे भारतीय इतिहास के उन महान नेताओं में से एक थे, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी। आज भी, उनके विचार युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें इतिहास रचने के लिए प्रेरित करते हैं। यदि आप भी इतिहास रचने की आकांक्षा रखते हैं, तो आज ही बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के इन वचनों को अपने हृदय में उतार लें।
भीमराव अंबेडकर के प्रेरणादायक कोट्स
न्याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है।
शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वह दहाड़ेगा।
सफलता कभी भी अंतिम नहीं होती और विफलता कभी भी घातक नहीं होती, जो मायने रखता है वह है साहस।
किसी भी व्यक्ति की असली महानता उसके काम में होती है, न कि उसके नाम में।
मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है।
शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।
लोकतंत्र का मतलब केवल सरकार का रूप नहीं है, यह मुख्य रूप से साथ रहने का एक तरीका है।
अपनी किस्मत के बजाय अपनी शक्ति पर विश्वास करो।
छीने हुए अधिकार भीख में नहीं मिलते, अधिकार वसूल किए जाते हैं।








