नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रीति पवार, प्रिया, अरुंधति चौधरी और सचिन को एशियन बॉक्सिंग एलीट चैंपियनशिप 2026 में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के कोर ग्रुप में शामिल कर लिया गया है। वहीं, तीन अन्य को डेवलपमेंट ग्रुप में जोड़ा गया है। यह फैसला बुधवार को हुई 172वीं मिशन ओलंपिक सेल (एमओसी) की बैठक में लिया गया।
प्रीति (54 किलोग्राम), प्रिया (60 किलोग्राम) और अरुंधति (70 किलोग्राम) ने इस महीने की शुरुआत में मंगोलिया के उलानबटार में हुई कॉन्टिनेंटल मीट में गोल्ड मेडल जीते थे, जबकि सचिन (60 किलोग्राम) ने सिल्वर मेडल हासिल किया। टॉप्स फ्रेमवर्क के तहत एथलीट्स के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाली मिशन ओलंपिक सेल ने हाल के नतीजों, वर्ल्ड रैंकिंग और प्रदर्शन में हुई प्रगति की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया।
प्रीति इस साल के आखिर में ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और जापान में होने वाले एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगी। उनके साथ जैस्मीन (57 किलोग्राम), प्रिया (डब्ल्यू 60 किलोग्राम), अरुंधति (डब्ल्यू 70 किलोग्राम) और सचिन (एम 60 किलोग्राम) भी शामिल होंगे। प्रीति, प्रिया और सचिन दोनों ही इवेंट्स में हिस्सा लेंगे। इन एथलीट्स ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) की चयन नीति के अनुसार कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स 2026 के लिए सीधे क्वालीफाई किया है।
सीडब्ल्यूजी 2026 में भारत के लिए मेडल जीतने के लिहाज से बॉक्सिंग एक अहम खेल बना हुआ है। इस इवेंट में शूटिंग, बैडमिंटन, कुश्ती, फील्ड हॉकी और अन्य कई ऐसे खेल शामिल नहीं हैं, जिनमें भारत को अतिरिक्त मेडल मिलने की उम्मीद हो सकती थी।
एमओसी ने एशियन चैंपियनशिप में उनके प्रदर्शन के आधार पर तीन और बॉक्सर आदित्य (65 किलोग्राम), दीपक (70 किलोग्राम) और हर्ष (90 किलोग्राम) को टॉप्स डेवलपमेंट ग्रुप में शामिल किया है। नरेंद्र (+90 किलोग्राम) को टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप (टीएजीजी) में रखा गया है, जहां उन्हें एशियन गेम्स 2026 तक सहायता मिलती रहेगी।
हर्ष और नरेंद्र दोनों ने ब्रॉन्ज मेडल जीते, जबकि आदित्य और दीपक इस महीने की शुरुआत में उलानबटार में हुई मीट में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे। मंगोलिया के उलानबटार में आयोजित 2026 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत ने कुल 16 पदक हासिल किए, जिनमें 5 गोल्ड, 3 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
टॉप्स डेवलपमेंट ग्रुप, कोर कैटेगरी के लिए एक ‘फीडर’ (सहायक) के रूप में काम करता है। यह उभरते हुए एथलीट्स को व्यवस्थित सहयोग, अनुभव और निगरानी प्रदान करता है, ताकि वे बेहतरीन प्रदर्शन की ओर आगे बढ़ सकें। फिलहाल, टॉप्स कोर ग्रुप में 7 मुक्केबाज हैं, डेवलपमेंट ग्रुप में 25 मुक्केबाज हैं, और टीएजीजी योजना में एक मुक्केबाज शामिल है। ये सभी मुक्केबाज राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के अगले चक्र के लिए अपनी तैयारियों को तेज कर रहे हैं।
–आईएएनएस
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