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फ्रेंच ओपन: भावुक विदाई के साथ खत्म हुआ स्टेन वावरिंका का आखिरी अभियान

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पेरिस, 25 मई (आईएएनएस)। स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टैन वावरिंका ने सोमवार को फ्रेंच ओपन को भावुक अंदाज में अलविदा कहा। 2015 के चैंपियन वावरिंका अपने संभावित आखिरी फ्रेंच ओपन अभियान में पहले दौर में नीदरलैंड्स के खिलाड़ी जेस्पर डी जोंग से हारकर बाहर हो गए।

41 वर्षीय वावरिंका इससे पहले संकेत दे चुके हैं कि वह इस सीजन के अंत में संन्यास ले सकते हैं। ऐसे में पेरिस की क्ले कोर्ट पर एक यादगार आखिरी सफर की उम्मीद थी, जहां उन्होंने एक दशक पहले खिताब जीता था। हालांकि, कोर्ट सिमोन मैथ्यू पर भावुक माहौल के बीच उनका अभियान समाप्त हो गया।

करीब तीन घंटे से ज्यादा चले मुकाबले में वावरिंका को 3-6, 6-3, 3-6, 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। स्कोरलाइन भले ही साधारण दिखी, लेकिन मैच के दौरान दर्शकों ने कई बार खड़े होकर इस महान खिलाड़ी का अभिवादन किया।

30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बावजूद स्टेडियम खचाखच भरा रहा और दर्शक हर अंक पर वावरिंका का उत्साह बढ़ाते नजर आए।

मैच में वावरिंका ने अपने करियर की पहचान रही जुझारू भावना की झलक भी दिखाई। पहला सेट गंवाने के बाद उन्होंने दूसरा सेट जीतकर वापसी की, लेकिन तीसरे सेट में डी जोंग ने फिर नियंत्रण हासिल कर लिया। चौथे सेट में निर्णायक क्षण तब आया, जब डी जोंग ने शानदार फोरहैंड विनर लगाकर सर्विस ब्रेक किया और 5-4 की बढ़त बना ली।

पेरिस की भीड़ के समर्थन से उत्साहित वावरिंका ने वापसी की पूरी कोशिश की और ब्रेक बैक का मौका भी बनाया। एक समय लंबी रैली और थकान के कारण वह कोर्ट पर लेट गए और सांस लेने के लिए संघर्ष करते दिखे। हालांकि, डी जोंग ने संयम बनाए रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और दूसरे दौर में जगह बनाई।

मैच खत्म होने के बाद माहौल पूरी तरह श्रद्धांजलि में बदल गया। टूर्नामेंट आयोजकों ने वावरिंका को विशेष विदाई दी और उन्हें फ्रेंच ओपन की क्ले कोर्ट का एक हिस्सा कांच के बॉक्स में भेंट किया।

स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर उनके करियर से जुड़े वीडियो दिखाए गए और टेनिस जगत की कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

फेडरर ने कहा, “मैं तुम्हारी उपलब्धियों से बेहद प्रभावित हूं। इस पल का आनंद लो।”

जोकोविच ने भी भावुक संदेश देते हुए कहा, “तुम मेरे और कई खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा रहे हो। मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि तुम्हें अपना दोस्त कह सकता हूं।”

समारोह के दौरान भावुक वावरिंका ने दर्शकों से कहा, “यह बहुत कठिन है। मैं यहां आप सबसे विदा नहीं लेना चाहता।”

वावरिंका की 2015 की फ्रेंच ओपन जीत उनके करियर के सबसे यादगार पलों में शामिल है, जब उन्होंने फाइनल में जोकोविच को हराकर खिताब जीता था। अपने दमदार वन-हैंडेड बैकहैंड, संघर्षशील खेल और बड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

–आईएएनएस

डीएससी

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