Home मनोरंजन ‘विमल खन्ना’ को लेकर सनी हिंदुजा ने कहा, ‘इतने लोकप्रिय किरदार को...

‘विमल खन्ना’ को लेकर सनी हिंदुजा ने कहा, ‘इतने लोकप्रिय किरदार को निभाना बड़ी जिम्मेदारी’

2
0

मुंबई, 13 मई (आईएएनएस)। अभिनेता सनी हिंदुजा जल्द ही वेब सीरीज ‘विमल खन्ना’ में नजर आएंगे। यह हिंदी साहित्य के प्रख्यात लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक के बहुचर्चित ‘विमल सीरीज’ के पहले उपन्यास ‘मौत का खेल’ का रूपांतरण है।

सीरीज को लेकर अभिनेता काफी उत्साहित हैं। उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि विमल खन्ना का किरदार भारतीय साहित्य के पल्प फिक्शन जगत में पहले से ही एक ‘आइकन’ है।

उन्होंने बताया, “इन उपन्यासों की फैन फॉलोइंग जबरदस्त है और पिछले कई दशकों में इनकी कई कॉपी बिक चुकी हैं। ऐसे में इतने लोकप्रिय किरदार को स्क्रीन पर उतारना एक जिम्मेदारी के साथ-साथ बेहद खास अनुभव भी रहा है।”

सीरीज में सनी हिंदुजा ने विमल खन्ना का किरदार निभाया है, जो खुद को एक साधारण आदमी के रूप में देखता है, जिसे असाधारण परिस्थितियों में धकेल दिया गया है।

अभिनेता ने अपने किरदार को लेकर बताया कि सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी है। इसमें एक आम आदमी असाधारण सफर में फंस जाता है। यह सीरीज दिखाती है कि कैसे समय एक इंसान की परीक्षा लेता है, जिससे उसकी हिम्मत और ईमानदारी को चुनौती मिलती है और वो अपनी पहचान समेत लगभग सब कुछ खोने के बाद भी पूरे सिस्टम से लोहा लेता है।

इस सीरीज के जरिए अभिनेता पहली बार हीरो के रूप में स्क्रीन पर नजर आएंगे। इस बदलाव पर सनी ने जोरदार मेहनत की। उन्होंने अपने रोल की तैयारी के बारे में बताया, “मैंने इस रोल के लिए शारीरिक बनावट पर काफी काम किया। जब आप इतने बड़े स्तर पर किसी मशहूर किरदार को पेश करते हैं, तो उसे स्क्रीन पर विश्वसनीय और प्रभावशाली दिखना चाहिए, जिसके लिए मैंने पूरी जान लगा दी।”

सनी पिछले डेढ़ दशक से अभिनय कर रहे हैं। उन्होंने ‘शापित’ (2010) फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, लेकिन असली पहचान उन्हें टीवीएफ की वेब सीरीज ‘एस्पिरेंट्स’ से मिली थी, जिसमें उन्होंने ‘संदीप भैया’ (संदीप ओहलान) की भूमिका निभाई थी।

अभिनेता ने बताया कि अभिनय की दुनिया में उन्होंने लंबा सफर तय किया है। आज मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे सफलता जल्द नहीं मिली। संघर्ष के उन दिनों ने मुझे धैर्य और समझ सिखाई है। विमल का किरदार भी कुछ ऐसा ही है। वह दर्द और भावनात्मक उथल-पुथल के बीच भी मुस्कुराता रहता है। एक एक्टर के तौर पर बेबसी को बिना नाटकीयता के पेश करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन विमल के सफर में मुझे अपनी खुद की कई यादें और जज्बात नजर आए।

–आईएएनएस

एनएस/एबीएम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here