भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री आम्रपाली दुबे ने पहली बार अपनी निजी जिंदगी, खासकर पवन सिंह और अक्षरा सिंह के बीच के विवाद पर खुलकर बात की है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि कैसे इस विवाद ने उनकी और अक्षरा की गहरी दोस्ती में दरार डाल दी। आम्रपाली ने स्वीकार किया कि उन्होंने इस मामले में केवल अक्षरा का ही पक्ष लिया था, जिसका पछतावा उन्हें आज भी है।
पवन-अक्षरा विवाद में आम्रपाली का पक्ष
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आम्रपाली दुबे हाल ही में सिद्धार्थ कनन के पॉडकास्ट में शामिल हुईं, जहां उन्होंने अपनी फिल्मों और करियर के अलावा, अपनी व्यक्तिगत जिंदगी के बारे में भी कई बातें साझा कीं। जब उनसे भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे चर्चित विवाद, यानी पवन सिंह और अक्षरा सिंह के झगड़े के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि दोनों ही उनके दोस्त रहे हैं।
आम्रपाली ने बताया कि उस समय उन्हें सिर्फ अक्षरा का दर्द और आंसू दिखाई दिए थे, और उन्होंने पूरी तरह से अक्षरा का समर्थन किया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने पवन सिंह को फोन करके उनकी शादी रुकवाने तक की कोशिश की थी। अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने केवल अक्षरा का ही पक्ष लेकर गलती की, क्योंकि पवन सिंह भी उनके अच्छे दोस्त थे। इस एकतरफा रवैये के लिए उन्हें आज भी पछतावा होता है।
अक्षरा सिंह से टूटी दोस्ती का दर्द
जब आम्रपाली से यह पूछा गया कि उनके इतने समर्थन के बाद भी क्या अक्षरा ने उन्हें धोखा दिया, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया। हालांकि, जब एंकर ने उन्हें याद दिलाया कि अक्षरा कई बार सार्वजनिक मंचों पर कह चुकी हैं कि मुश्किल समय में किसी ने उनका साथ नहीं दिया, तो आम्रपाली का दर्द छलक उठा।
उन्होंने कहा, “हां, दुख हुआ। वह मुझे इसलिए हर्ट कर सकी क्योंकि मैंने ही उन्हें यह अधिकार दिया था।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें यकीन है कि अक्षरा ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया होगा, बल्कि उनके बीच शायद कुछ गलतफहमी (मिस कम्युनिकेशन) हुई है, जिस पर उन्होंने कभी खुलकर बात नहीं की। आम्रपाली ने कहा कि हो सकता है कि उनकी कोई बात अक्षरा को बुरी लगी हो और अक्षरा की कोई बात उन्हें।
अब मुलाकात नहीं चाहतीं आम्रपाली
जब एंकर ने दोनों के बीच मनमुटाव दूर करने के लिए मुलाकात करने की सलाह दी, तो आम्रपाली ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर अक्षरा ने सार्वजनिक रूप से उन्हें अनफॉलो करके यह दुनिया को नहीं दिखाया होता कि वह उनसे कोई लेना-देना नहीं रखना चाहतीं, तो शायद वह कोशिश करतीं।
आम्रपाली ने कहा, “अगर आप समझदार इंसान हैं, तो समझ जाएंगी कि कोशिश करने का कोई फायदा नहीं है। वहीं रुक जाएंगे।” उन्होंने बताया कि जब अक्षरा उनके लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख रही थीं और बोल रही थीं कि उनका किसी ने साथ नहीं दिया, तो उन्हें बहुत बुरा लगा। आम्रपाली ने कहा कि उन्हें किसी से इस बात का सत्यापन (वेलिडेशन) नहीं चाहिए कि वह उनके साथ खड़ी थीं, लेकिन उन्हें इस बात का दोषारोपण भी नहीं चाहिए कि वह उनके साथ नहीं थीं।
सबसे ज्यादा हर्ट करने वाली बात
आम्रपाली ने आखिर में बताया कि अक्षरा की कौन सी बात ने उन्हें सबसे ज्यादा दुख पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “हर जगह यह जाकर कहना कि मैं अकेली थी, मैं अकेली थी, मेरे परिवार वाले उस समय मेरे साथ थे और कोई नहीं था। किसी ने भी मेरा सपोर्ट नहीं किया।” आम्रपाली ने कहा कि अक्षरा का बार-बार यही बात दोहराना उन्हें सबसे ज्यादा हर्ट कर गया और वह शायद इससे कभी उबर नहीं पाएंगी।
इस पॉडकास्ट के माध्यम से आम्रपाली दुबे ने भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे बड़े विवादों में से एक पर एक नई रोशनी डाली है, और यह भी बताया है कि कैसे एक विवाद ने न केवल पेशेवर, बल्कि व्यक्तिगत संबंधों को भी प्रभावित किया। उनकी बातों से यह स्पष्ट होता है कि दोनों अभिनेत्रियों के बीच की दूरी अब और बढ़ चुकी है।








