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Over Affection Alert: पति का बहुत ज्यादा प्यार दिखाना हमेशा अच्छा नहीं, रिश्ते में किसी तीसरे की आहट का हो सकता है संकेत

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किसी भी रिश्ते में प्यार, भरोसा और अपनापन ज़रूरी माना जाता है। गले मिलना, हाथ पकड़ना या अपने पार्टनर के लिए खुलकर प्यार जताना किसी भी शादीशुदा रिश्ते को मज़बूत बनाने में मदद कर सकता है। लेकिन, अगर आपका पार्टनर अचानक से बहुत ज़्यादा प्यार दिखाने लगे – हर समय बहुत ज़्यादा देखभाल करने लगे – या अगर रिश्ता बहुत जल्दी “एकदम सही” लगने लगे, तो यह अक्सर एक चेतावनी का संकेत हो सकता है। आइए समझते हैं कि ऐसी स्थितियों में आपको सावधान क्यों रहना चाहिए।

**लंबे समय में तलाक़ का खतरा**

*Journal of Personality and Social Psychology* में छपी एक स्टडी में पाया गया कि जो जोड़े अपने रिश्ते की शुरुआत में बहुत ज़्यादा प्यार दिखाते थे, उनमें बाद में तलाक़ का खतरा ज़्यादा पाया गया। शोधकर्ताओं ने 13 साल तक 168 जोड़ों पर नज़र रखी और पाया कि जो लोग अपने रिश्ते की शुरुआत में बहुत ज़्यादा रोमांटिक और जोशीला प्यार दिखाते थे, उनके रिश्ते समय के साथ टूटने की संभावना ज़्यादा थी। स्टडी के मुताबिक, ऐसे जोड़े उन जोड़ों के मुकाबले करीब एक-तिहाई ज़्यादा प्यार दिखाते थे, जिनकी शादियाँ लंबे समय तक खुशहाल और मज़बूत बनी रहीं।

**बहुत ज़्यादा प्यार खतरनाक क्यों है?**

डेटिंग ऐप Badoo की डेटा एनालिस्ट और रिलेशनशिप साइकोलॉजिस्ट क्लेयर स्टॉट ने *Business Insider* को बताया कि बहुत ज़्यादा प्यार अक्सर रिश्ते में छिपी अंदरूनी समस्याओं, जैसे भरोसे की कमी या खराब बातचीत को छिपाने की एक कोशिश हो सकता है। उनके मुताबिक, इस तरह का गहरा प्यार लंबे समय तक टिक पाना मुश्किल होता है। रिश्ता शुरुआत में जितना ज़्यादा “हद से ज़्यादा” होता है, बाद में उसमें उतना ही ज़्यादा खालीपन महसूस होता है।

**बहुत ज़्यादा प्यार “खतरे की घंटी” (Red Flag) का काम क्यों करता है?**

विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि हर रिश्ता एक “हनीमून फेज़” से गुज़रता है, जिसमें दोनों पार्टनर एक-दूसरे के बहुत करीब महसूस करते हैं। लेकिन, समय के साथ इस शुरुआती जोश का थोड़ा कम हो जाना पूरी तरह से सामान्य बात है। समस्या तब पैदा होती है, जब कोई रिश्ता – बिल्कुल शुरुआत से ही – बहुत ज़्यादा भावनाओं की नींव पर खड़ा होता है। ऐसे मामलों में, जैसे ही वह शुरुआती जोश कम होने लगता है, पार्टनर को ऐसा लगने लगता है कि जैसे प्यार ही खत्म हो गया हो। जैसा कि क्लेयर स्टॉट बताती हैं, एक मज़बूत रिश्ता सिर्फ़ प्यार-दुलार पर नहीं बन सकता; ईमानदारी, भरोसा, खुलकर बातचीत और एक-दूसरे का साथ देना ही एक लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते के असली आधार होते हैं। अगर किसी रिश्ते में प्यार कुछ ज़्यादा ही किया जा रहा है, तो यह ज़रूरत से ज़्यादा भरपाई (overcompensation) का संकेत भी हो सकता है।

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