एक्ट्रेस जया भट्टाचार्य, जिन्हें “क्योंकि सास भी कभी बहू थी” में पायल के रोल के लिए जाना जाता है, टेलीविज़न की दुनिया में एक जाना-माना नाम रही हैं। उन्होंने अपने वैम्प रोल से फैंस का दिल जीता। हालांकि, उनकी पर्सनल लाइफ कुछ खास अच्छी नहीं रही। उनका बचपन उनकी मां की वजह से मुश्किलों से भरा था, और उनकी शादीशुदा ज़िंदगी भी कुछ खास अच्छी नहीं थी। यह बात हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक इंटरव्यू में पता चली। 1978 में लखनऊ में एक बंगाली परिवार में जन्मी जया भट्टाचार्य ने बताया कि वह अपनी मां के साथ जो कुछ भी हुआ, उसकी वजह से ट्रॉमा से गुज़र रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि लड़की होना उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
एक दर्दनाक बचपन
जया का बचपन खुशियों से ज़्यादा ट्रॉमा से भरा था। उनकी मां का गुस्सा इतना ज़्यादा था कि उन्हें अक्सर कोड़े, बेलन और चप्पलों से पीटा जाता था। लड़की होने के कारण उन्हें रोज़ ताने सुनने पड़ते थे। घर का माहौल इतना खराब था कि छोटी उम्र से ही उनका सेल्फ-कॉन्फिडेंस कम होने लगा था। लेकिन समय के साथ, इस दर्द ने उन्हें अंदर से मज़बूत करना शुरू कर दिया।
एक्टिंग कोई शौक नहीं, मजबूरी थी
जया का न तो एक्टिंग का कोई सपना था और न ही ग्लैमर की दुनिया की कोई चाहत। लेकिन, उनके परिवार की आर्थिक हालत ने उन्हें बहुत कम उम्र में ही कैमरे के सामने ला दिया। उन्होंने एक टेलीफिल्म से शुरुआत की, जहाँ उन्हें गलत व्यवहार और कास्टिंग काउच जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सिर्फ़ 2,000 रुपये लेकर बिना बुकिंग के मुंबई जाना उनकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा रिस्क था, जिसने उनके करियर को बदल दिया।
पायल का रोल हिट रहा, लेकिन उन्हें इज़्ज़त नहीं मिली
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में ‘पायल’ के रोल ने जया को घर-घर में मशहूर कर दिया। एक महीने का शो सात साल के सफ़र में बदल गया। इतनी पॉपुलैरिटी के बावजूद, उन्हें न तो इज़्ज़त मिली और न ही अच्छी पेमेंट। कई लोग उन्हें विलेन मानकर गालियाँ देते थे। एक बार तो एक औरत ने उन्हें सड़क पर धक्का देकर ‘गंदी औरत’ भी कहा था। जया कहती हैं कि इस शो ने उन्हें शोहरत तो दी, लेकिन शांति नहीं दी। इतना दर्द, संघर्ष और नफ़रत झेलने के बाद भी जया कभी पीछे नहीं हटीं। वह आज भी टीवी और OTT की दुनिया में एक्टिव हैं। दिल्ली क्राइम्स सीज़न 3 में उनकी परफ़ॉर्मेंस ने साबित कर दिया कि वह आज भी पहले की तरह ही दमदार हैं।








