नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। स्पेसवॉक के दौरान एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन से एक मजबूत रस्सी (टेथर) से बंधे रहना क्यों जरूरी होता है? यह सवाल अक्सर कई लोगों के मन में होता है। क्या यह सिर्फ सुरक्षा के लिए है या अंतरिक्ष की विशेष परिस्थितियों के कारण? दरअसल, अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी (शून्य गुरुत्वाकर्षण जैसी स्थिति) के कारण चलना-फिरना और गति नियंत्रित करना पृथ्वी से बिल्कुल अलग है। यही वजह है कि एस्ट्रोनॉट्स बिना रस्सी के स्पेसवॉक पर नहीं निकलते।
पृथ्वी पर हम जमीन को पैरों से धकेलकर आगे बढ़ते हैं, लेकिन अंतरिक्ष में स्थिति पूरी तरह अलग है। वहां गुरुत्वाकर्षण खत्म नहीं होता, बल्कि स्पेसक्राफ्ट और उसमें मौजूद हर चीज पृथ्वी के चारों ओर एक साथ गिर रही होती है। इसी वजह से एस्ट्रोनॉट्स को भारहीनता का अनुभव होता है। वहां “ऊपर” और “नीचे” का कोई अहसास नहीं रहता। अंतरिक्ष में हिलने-डुलने के लिए आपको किसी सतह को धकेलना या खींचना पड़ता है। अगर आपके पास कोई सतह नहीं है जिससे बल या टॉर्क (घुमाव) पैदा कर सकें, तो आप अपनी गति पर नियंत्रण खो बैठते हैं। एक बार अगर आप घूमने लगे तो बिना किसी सहारे के रुकना बहुत मुश्किल हो जाता है।
न्यूटन के गति के नियम वहां पूर्ण रूप से लागू होते हैं। एस्ट्रोनॉट्स बताते हैं कि अगर स्पेसवॉक के दौरान हाथ या पैर से धक्का लग जाए और कोई सहारा न हो, तो सिर्फ 2 फीट की दूरी तय करना भी असंभव हो सकता है। आप एक जगह से दूसरी जगह नहीं पहुंच पाएंगे और अनियंत्रित रूप से घूमते रह सकते हैं। यही कारण है कि स्पेसवॉक के दौरान एस्ट्रोनॉट्स हमेशा स्पेस स्टेशन से एक मजबूत सुरक्षा रस्सी से बंधे रहते हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर उनके पास अतिरिक्त रस्सियां भी होती हैं। अगर मुख्य रस्सी किसी कारण से छूट भी जाए तो बैकअप रस्सी उन्हें बचाती है। यह टेथर सिर्फ उन्हें खो जाने से नहीं बचाती, बल्कि गति नियंत्रित करने में भी मदद करती है। अंतरिक्ष एजेंसियां इस बात पर बहुत जोर देती हैं कि स्पेसवॉक बेहद जोखिम भरा कार्य है। छोटी सी लापरवाही एस्ट्रोनॉट को अनियंत्रित स्थिति में डाल सकती है। इसलिए रस्सी से बंधकर रहना स्पेसवॉक का सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा नियम है।
यह व्यवस्था एस्ट्रोनॉट्स को न सिर्फ सुरक्षित रखती है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ स्पेस स्टेशन के बाहर जटिल मरम्मत और प्रयोग करने की सुविधा भी देती है।
–आईएएएनएल
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